Kasak Dard Shayari on Loveये कसक दिल की दिल में चुभी रह गई मेरी ज़िंदगी में तुम्हारी कमी रह गईएक मैं, एक तुम और एक दीवार थी बीच में अपनी ज़िंदगी आधी-आधी बँटी रह गई