Independence Day Shayari by Javed Akhtarजो कामयाबी है उसकी खुशी तो पूरी है, मगर यह याद भी रखना बहुत जरूरी है।की दास्तां अभी हमारी अधूरी है, बहुत हुआ है मगर, फिर भी यह कमी तो है।बहुत से होठों पर मुस्कान आ गई लेकिन, बहुत सी आंखें हैं जिनमें अभी नमी तो है।– जावेद अख्तर साहब