Armaan Bewafa Shayariआंसूओ तले मेरे सारे अरमान बह गये जिनसे उमीद लगाए थे वही बेवफा हो गयेथी हमे जिन चिरागो से उजाले की चाह वो चिराग ना जाने किन अंधेरो में खो गये