Humne Bhi Aankho Ko
दिल मेरा जो अगर रोया न होता, हमने भी आँखों को भिगोया न होता, दो पल की हँसी में छुपा लेता ग़मों को, ख़्वाब की हक़ीक़त को जो संजोया नहीं होता!
दिल मेरा जो अगर रोया न होता, हमने भी आँखों को भिगोया न होता, दो पल की हँसी में छुपा लेता ग़मों को, ख़्वाब की हक़ीक़त को जो संजोया नहीं होता!
रोने की सज़ा न रुलाने की सज़ा है, ये दर्द मोहब्बत को निभाने की सज़ा है, हँसते हैं तो आँखों से निकल आते हैं आँसू, ये उस शख्स से दिल लगाने की सज़ा है।
हम उम्मीदों की दुनियां बसाते रहे, वो भी पल पल हमें आजमाते रहे, जब मोहब्बत में मरने का वक्त आया, हम मर गए और वो मुस्कुराते रहे।
तेरी आरज़ू मेरा ख्वाब है, जिसका रास्ता बहुत खराब है, मेरे ज़ख्म का अंदाज़ा न लगा, दिल का हर पन्ना दर्द की किताब है।
जो नजर से गुजर जाया करते हैं, वो सितारे अक्सर टूट जाया करते हैं, कुछ लोग दर्द को बयां नहीं होने देते, बस चुपचाप बिखर जाया करते हैं।
दिन बीत जाते है सुहानी यादें बनकर, बाते रह जाती है कहानी बनकर, पर दोस्त तो हमेशा दिल के करीब रहते है, कभी मुस्कान तो कभी, आँखों का पानी बनकर।
कहीं अंधेरा तो कहीं शाम होगी, मेरी हर ख़ुशी तेरे नाम होगी, कभी मांग कर तो देख हमसे ए दोस्त, होंठो पर हसीं और हथेली पर जान होगी
लोग रूप देखते है ,हम दिल देखते है , लोग सपने देखते है हम हक़ीकत देखते है, लोग दुनिया मे दोस्त देखते है, हम दोस्तो मे दुनिया देखते है।
चिंगारी का ख़ौफ़ न दिया करो हमे, हम अपने दिल में दरिया बहाय बैठे है, अरे हम तो कब का जल गये होते इस आग में, लेकिन हमतो खुद को आंसुओ में भिगोये बैठे है
मंजिल भी उसकी थी, रास्ता भी उसका था, एक मैं ही अकेला था, बाकि सारा काफिला भी उसका था, एक साथ चलने की सोच भी उसकी थी, और बाद में रास्ता बदलने का फैसला भी उसी का था।