Dard ko Dard Shayari
दर्द को दर्द अब होने लगा है, दर्द अपने गम पे खुद रोने लगा, अब हमें दर्द से दर्द नही लगेगा, क्योंकि दर्द हमको छू कर खुद सोने लगा है।
दर्द को दर्द अब होने लगा है, दर्द अपने गम पे खुद रोने लगा, अब हमें दर्द से दर्द नही लगेगा, क्योंकि दर्द हमको छू कर खुद सोने लगा है।
जख़्म इतना गहरा हैं इज़हार क्या करें।हम ख़ुद निशां बन गये ओरो का क्या करें।मर गए हम मगर खुली रही आँखे हमारी,क्योंकि हमारी आँखों को उनका इंतजार हैं।
सकून मिलता है जब उनसे बात होती है, हज़ार रातों में वो एक रात होती है,निगाह उठाकर जब देखते हैं वो मेरी तरफ,मेरे लिए वो ही पल पूरी कायनात होती है।
ज़िंदगी में आपकी एहमियत, हम आपको बता नहीं सकते, दिल में आपकी जगह, हम आपको दिखा नहीं सकते, कुछ रिश्ते बहुत अनमोल होते है, इससे जयादा हम आपको बता नहीं सकते।
आ जाओ के, तुम्हें अब भी याद करते है, ज़िंदगी से जयादा तुम्हें प्यार करते हैं।आप जिस रास्ते से गुज़रते भी नहीं, हम उन रास्तो में भी आपका इंतज़ार करते है।
मुस्कराहट का कोई मोल नहीं होता,कुछ रिश्तो का कोई तोल नहीं होता,वैसे लोग तो मिल जाते है हर मोड़ पर,पर कोई आप की तरह अनमोल नहीं होता ….
“नज़रे करम” मुझ पर इतना न कर,की तेरी मोहब्बत के लिए बागी हो जाऊं,मुझे इतना न पिला इश्क़-ए-जाम की,मैं इश्क़ के जहर का आदि हो जाऊं।
तुम दूर हो मगर दिल में ये एहसास होता है,कोई है जो हर पल दिल के पास होता है,याद तो सब की आती है मगर,तुम्हारी याद का एहसास ही कुछ ख़ास होता है ….
हमें सीने से लगाकर हमारी सारी कसक दूर कर दो,हम सिर्फ तुम्हारे हो जाऐ हमें इतना मजबूर कर दो।
नज़रे करम मुझ पर इतना न कर, की तेरी मोहब्बत के लिए बागी हो जाऊं,मुझे इतना न पिला इश्क़-ए-जाम की, मैं इश्क़ के जहर का आदि हो जाऊं।