Dosti Apni Shayari
मैं हैरान हूँ की क्यों उससे हुई थी दोस्ती अपनी, मुझे कैसे ग़वारा हो गयी थी दुश्मनी अपनी।
मैं हैरान हूँ की क्यों उससे हुई थी दोस्ती अपनी, मुझे कैसे ग़वारा हो गयी थी दुश्मनी अपनी।
भूल शायद बहुत बड़ी कर ली, दिल ने दुनिया से दोस्ती कर ली।~ बशीर बद्र
दिन सलीक़े से उगा रात ठिकाने से रही, दोस्ती अपनी भी कुछ रोज़ ज़माने से रही।~ निदा फ़ाज़ली
किसी दिन ज़िंदगानी में करिश्मा क्यूं नहीं होता, मैं हर दिन जाग तो जाता हूं ज़िन्दा क्यूं नहीं होता।– Rajesh Reddy
ज़श्न आज़ादी का यूँ मनाया जाये, दर्द हर दिल का मोहब्बत से मिटाया जाए।Happy Independence Day
मज़हब कुछ हो हिंदी हैं हम सारे भाई भाई हैं, हिन्दू हैं या मुस्लिम हैं या सिख हैं या ईसाई हैं।प्रेम ने सब को एक किया है प्रेम के हम शैदाई हैं, भारत नाम के आशिक़ हैं हम भारत के…
हम ज़मीं को तेरी नापाक न होने देंगे, तेरे दामन को कभी चाक न होने देंगे।तुझ को जीते हैं तो ग़मनाक न होने देंगे, ऐसी इक्सीर को यूँ ख़ाक न होने देंगे।जी में ठानी है यही जी से गुज़र जायेंगे,…
जिन की पत्नी वेकेशन करने मायके चली गई है, वो स्टेटस पर तिरंगा लगा कर अपनी आज़ादी का ऐलान कर सकते हैं।
एक दिन मन ही मन हमने ख्वाब बुन लिया, औरों को दुपट्टा रास आया मैंने तिरंगा चुन लिया।
वो अब पानी को तरसेंगे जो गंगा छोड़ आये हैं, हरे झंडे के चक्कर में तिरंगा छोड़ आये हैं।– राहत इंदौरी