Lafz Anmol Vichar
लफ्ज़ और उनको बोलने का लहज़ा ही होते हैं इंसान का आईना, शक्ल का क्या है वो तो उम्र और हालात के साथ, अक्सर ‘बदल’ जाती है।
लफ्ज़ और उनको बोलने का लहज़ा ही होते हैं इंसान का आईना, शक्ल का क्या है वो तो उम्र और हालात के साथ, अक्सर ‘बदल’ जाती है।
रिश्तों में वैसा ही संबंध होना चाहिए जैसे आंख और हाथ का होता है। हाथ को चोट लगती है तो आंखें रोती हैं और, आंसू आने पर हाथ ही उन्हें सहलाता है और साफ करता है।
सफलता की वह ऊंचाई किसी अभिशाप से कम नहीं जो इंसानियत और दयाभाव खोकर प्राप्त की गई हो।
हमें आने वाले कल से अपने आप अच्छे होने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए, बल्कि आज की गयी मेहनत और तैयारी ही उसे अच्छा बना सकती है।
ज़िन्दगी काफी तेज़ी से आगे बढ़ती रहती है, और अगर आप थोड़े समय के लिए भी रुके तो ज़माने से पीछे छूट जाओगे।
“Smiles” Happiness की Heart Beats होती हैं। मुस्कुराइए! आपकी खुशिओं अपने आप ज़िंदा हो उठेंगी।
अपनी ज़िन्दगी को सिर्फ आप स्वयं बदल सकते हो, और ये कार्य आपके लिए कोई और नहीं कर सकता।
अगर आप के अंदर आत्मविश्वास की कमी हो जाती है तो ये दुनिया डरावनी नज़र आती है।
जो लोग सफ़र की शुरुआत करते हैं वे मंज़िल भी पा लेते हैं। बस एक बार आगे होकर चलने का हौंसला जरूरी होता है, क्योंकि हिम्मती और बुलंद हौंसले वाले इंसानों का तो रास्ते भी इंतज़ार करते हैं।
इंसान को कभी भी घमंड और अभिमान नहीं करना चाहिए, भगवान ने जाने कितने अभिमानी लोगों को मिट्टी से बनाकर मिट्टी में मिला दिया।