Tanha Dosti Sad Shayari
मुझे दुश्मन से अपने इश्क़ सा है, मैं तन्हा आदमी की दोस्ती हूँ।– बक़र मेहदी
मुझे दुश्मन से अपने इश्क़ सा है, मैं तन्हा आदमी की दोस्ती हूँ।– बक़र मेहदी
मुझे दोस्त कहने वाले ज़रा दोस्ती निभा दे, ये मुतालबा है हक़ का कोई इल्तिज़ा नहीं है।– शकील बदायुनी
मोहब्बत में दिखावे की दोस्ती न मिला, अगर गले नहीं मिलता तो हाथ भी न मिला।– बशीर बद्र
मेरे हम-नफ़स मेरे हम-नवा मुझे दोस्त बन के दग़ा न दे, मैं हूँ दर्द-ए-इश्क़ से जान-बा-लब मुझे ज़िन्दगी की दुआ न दे।– सकील बदायुनी
मैं हैरान हूँ की क्यों उससे हुई थी दोस्ती अपनी, मुझे कैसे ग़वारा हो गयी थी दुश्मनी अपनी।
भूल शायद बहुत बड़ी कर ली, दिल ने दुनिया से दोस्ती कर ली।~ बशीर बद्र
दिन सलीक़े से उगा रात ठिकाने से रही, दोस्ती अपनी भी कुछ रोज़ ज़माने से रही।~ निदा फ़ाज़ली
Zindagi Dukhon Se Bhari Hai, Halaat Ko Merham Banaana Seekh Lo, Jana To Hai Sabko Ik Din Jahaan Se, Filhaal Dosto Ke Sath Zindagi Jeena Seekh Lo …
दोस्ती में दिल दुखाना हमें नहीं आता, मन की बात को हमें छुपाना नहीं आता, आप सोचते होंगे के हम भूल गए आपको, पर आप जैसे यार दोस्तों को हमें भूलना नहीं आता …
Baaton Ke Sahaare Kabhi Duniya Nahi Chalti Bina Driver Ke Kabhi Gaadi Nahi ChaltiDosti Hoti Hai Jeene Ke Liye Bohat Khas, Kyon Ki Doston Ke Bina Zindagi Nahi Chalti …