Pagal Na Hoga
हमारे बिन अधूरे तुम रहोगे, कभी चाहा किसी ने खुद तुम कहोगे, हम ना होंगे तो ये आलम ना होगा, मिलेंगे बहुत से पर हम सा कोई पागल ना होगा ।
हमारे बिन अधूरे तुम रहोगे, कभी चाहा किसी ने खुद तुम कहोगे, हम ना होंगे तो ये आलम ना होगा, मिलेंगे बहुत से पर हम सा कोई पागल ना होगा ।
दिल के हर कोने से एक आवाज़ आती है , हमें वक्त उनकी याद आती है,दिल पूछता है बार – बार हमसे के जितना हम याद करते है , क्या उन्हें भी हमारी याद आती है।
सो जाने दे मुझे नींद की गहराईयों में, जीने नहीं देती उसकी यादें तन्हाइयों में।
Aye Aawara Yaadon Fir Se Fursat Ke Lamhaat Kahan, Hume Ne To Sehra Mein Basar Ki Tum Ne Guzaari Raat Kahan!~ Rahi Masoom Razaaऐ आवारा यादो फिर ये फ़ुर्सत के लम्हात कहाँ हम ने तो सहरा में बसर की तुम…
मिला हूँ ख़ाक में ऊँची मगर औकात रखी है, तुम्हारी बात थी आखिर तुम्हारी बात रखी है।भले ही पेट के खातिर कहीं दिन बेच आया हूँ, तुम्हारी याद की खातिर भी पूरी रात रखी है।
दो जवाँ दिलों का ग़म, दूरियाँ समझती हैं, कौन याद करता है , हिचकियाँ समझती हैं।
कितने चेहरे हैं इस दुनिया में, मगर हमको एक चेहरा ही नज़र आता है,दुनिया को हम क्यों देखें, उसकी याद में सारा वक़्त गुज़र जाता है।