Category Zindagi Shayari

Aahista Chal Zindagi Shayari

आहिस्ता चल ज़िन्दगी, कई क़र्ज़ चुकाना बाकी है।तेरी दौड़ भागते-भागते मैं थक गया हूं, दम तो लेने दे, कुछ दर्द मिटाना बाकी है।मेरे अपने पीछे छूट गए, कुछ फ़र्ज़ निभाना बाकी है…

Tamaam Umar Shayari

Ae Shamaa Tujh Pe Raat Ye Bhaari Hai Jis Trah, Maine Tamaam Umar Guzaari Hai Is Trah …ऐ शमा तुझ पे रात ये भारी है जिस तरह, मैं ने तमाम उम्र गुज़ारी है इस तरह …