Meri Maa Shayari in Hindi
ठोकर न मार मुझे पत्थर नहीं हूँ मैं, हैरत से न देख मुझे मंज़र नहीं हूँ मैं।तेरी नज़रों में मेरी क़दर कुछ भी नहीं, मगर मेरी माँ से पूछ उसके लिए क्या नहीं हूँ मैं?
ठोकर न मार मुझे पत्थर नहीं हूँ मैं, हैरत से न देख मुझे मंज़र नहीं हूँ मैं।तेरी नज़रों में मेरी क़दर कुछ भी नहीं, मगर मेरी माँ से पूछ उसके लिए क्या नहीं हूँ मैं?
मिला हूँ ख़ाक में ऊँची मगर औकात रखी है, तुम्हारी बात थी आखिर तुम्हारी बात रखी है।भले ही पेट के खातिर कहीं दिन बेच आया हूँ, तुम्हारी याद की खातिर भी पूरी रात रखी है।
आदतन तुमने कर दिए वादे, आदतन हमने ऐतबार किया, तेरी राहों में हर बार रूककर, हमने अपना ही इंतज़ार किया!– गुलज़ार
जो लोग सफ़र की शुरुआत करते हैं वे मंज़िल भी पा लेते हैं। बस एक बार आगे होकर चलने का हौंसला जरूरी होता है, क्योंकि हिम्मती और बुलंद हौंसले वाले इंसानों का तो रास्ते भी इंतज़ार करते हैं।
Kaun Chahat Hai Apne Dosto Se Doori, Paapi Pet Ko Paalna Hai Badi Majboori.Maine Bahut Kuch Paya Is Jahaan Mein …Per Jisme Mere Dost Shamil Nahi Hote, Vo Her Khushi Lagti Hai Adhoori.
Khoobsurat Sa Ek Lamha, Kahaani Ban Gya, Jaane Kaise Vo Meri Zindagi Ka Hissa Ban Gya,Ek Dost Aisa Aaya Meri Zindagi Mein, Jis Se Kabhi Na Tootne Wala Rishta Ban Gya …
इंसान को कभी भी घमंड और अभिमान नहीं करना चाहिए, भगवान ने जाने कितने अभिमानी लोगों को मिट्टी से बनाकर मिट्टी में मिला दिया।
इंसान अच्छा या बुरा नहीं होता, बस वक्त अच्छा और बुरा होता है।
Sirf Nazdeekion Se Mohabbat Hua Nhi Krti, Faasley Jo Dillo Mein Hon Toh Phir Chaahat Hua Nahi Krti, Agr Naraaz Ho Khafa Ho Toh Shikaayat Kro Humse, Khaamosh Rehne Se Dillo Ki Duriyaan Mitaa Nahi Krti.
दो जवाँ दिलों का ग़म, दूरियाँ समझती हैं, कौन याद करता है , हिचकियाँ समझती हैं।