Meri Har Khushi
कहीं अंधेरा तो कहीं शाम होगी, मेरी हर ख़ुशी तेरे नाम होगी, कभी मांग कर तो देख हमसे ए दोस्त, होंठो पर हसीं और हथेली पर जान होगी
कहीं अंधेरा तो कहीं शाम होगी, मेरी हर ख़ुशी तेरे नाम होगी, कभी मांग कर तो देख हमसे ए दोस्त, होंठो पर हसीं और हथेली पर जान होगी
लोग रूप देखते है ,हम दिल देखते है , लोग सपने देखते है हम हक़ीकत देखते है, लोग दुनिया मे दोस्त देखते है, हम दोस्तो मे दुनिया देखते है।
चिंगारी का ख़ौफ़ न दिया करो हमे, हम अपने दिल में दरिया बहाय बैठे है, अरे हम तो कब का जल गये होते इस आग में, लेकिन हमतो खुद को आंसुओ में भिगोये बैठे है
मंजिल भी उसकी थी, रास्ता भी उसका था, एक मैं ही अकेला था, बाकि सारा काफिला भी उसका था, एक साथ चलने की सोच भी उसकी थी, और बाद में रास्ता बदलने का फैसला भी उसी का था।
अब तो वफ़ा करने से मुकर जाता है दिल, अब तो इश्क के नाम से डर जाता है दिल, अब किसी दिलासे की जरूरत नही है, क्योंकि अब हर दिलासे से भर गया है दिल
सोचा था तड़पायेंगे हम उन्हें, किसी और का नाम लेके जलायेगें उन्हें, फिर सोचा मैंने उन्हें तड़पाके दर्द मुझको ही होगा, तो फिर भला किस तरह सताए हम उन्हें।
काश वो समझते इस दिल की तड़प को, तो हमें यूँ रुसवा न किया जाता, यह बेरुखी भी उनकी मंज़ूर थी हमें, बस एक बार हमें समझ तो लिया होता।
मिल भी जाते हैं तो कतरा के निकल जाते हैं,मौसम की तरह लोग… बदल जाते हैं,हम अभी तक हैं, गिरफ्तार-ए-मोहब्बत यारों,ठोकरें खा के सुना था कि संभल जाते हैं।
जिसके नसीब मे हों ज़माने की ठोकरें,उस बदनसीब से ना सहारों की बात कर।
सबके दिलो में हो सबके लिये प्यार,आने वाला हर दिन लाये खुशियों का त्यौहार, इस उमीद के साथ आओ भूल के सारे गम ,न्यू इयर 2020 को हम सब करे वैलकम!