Judai Shayari on Dosti
आ की तुझ बिन इस तरह ऐ दोस्त घबराता हूँ मैं, जैसे हर शै में किसी शै की कमी पाता हूँ मैं।– जिगर मोरादाबादी
आ की तुझ बिन इस तरह ऐ दोस्त घबराता हूँ मैं, जैसे हर शै में किसी शै की कमी पाता हूँ मैं।– जिगर मोरादाबादी
मुझे दुश्मन से अपने इश्क़ सा है, मैं तन्हा आदमी की दोस्ती हूँ।– बक़र मेहदी
मुझे दोस्त कहने वाले ज़रा दोस्ती निभा दे, ये मुतालबा है हक़ का कोई इल्तिज़ा नहीं है।– शकील बदायुनी
मोहब्बत में दिखावे की दोस्ती न मिला, अगर गले नहीं मिलता तो हाथ भी न मिला।– बशीर बद्र
मेरे हम-नफ़स मेरे हम-नवा मुझे दोस्त बन के दग़ा न दे, मैं हूँ दर्द-ए-इश्क़ से जान-बा-लब मुझे ज़िन्दगी की दुआ न दे।– सकील बदायुनी
मैं हैरान हूँ की क्यों उससे हुई थी दोस्ती अपनी, मुझे कैसे ग़वारा हो गयी थी दुश्मनी अपनी।
भूल शायद बहुत बड़ी कर ली, दिल ने दुनिया से दोस्ती कर ली।~ बशीर बद्र
दिन सलीक़े से उगा रात ठिकाने से रही, दोस्ती अपनी भी कुछ रोज़ ज़माने से रही।~ निदा फ़ाज़ली
किसी दिन ज़िंदगानी में करिश्मा क्यूं नहीं होता, मैं हर दिन जाग तो जाता हूं ज़िन्दा क्यूं नहीं होता।– Rajesh Reddy
ज़श्न आज़ादी का यूँ मनाया जाये, दर्द हर दिल का मोहब्बत से मिटाया जाए।Happy Independence Day