Suvichar on Rishte
ज्यादातर रिश्ते सिर्फ इसलिए ख़त्म हो जाते है, क्यूँकि एक ठीक से समझा नहीं पाता दूसरा ठीक से समझ नहीं पाता…
ज्यादातर रिश्ते सिर्फ इसलिए ख़त्म हो जाते है, क्यूँकि एक ठीक से समझा नहीं पाता दूसरा ठीक से समझ नहीं पाता…
Zindagi Dukhon Se Bhari Hai, Halaat Ko Merham Banaana Seekh Lo, Jana To Hai Sabko Ik Din Jahaan Se, Filhaal Dosto Ke Sath Zindagi Jeena Seekh Lo …
कहाँ आँसुओं की ये सौग़ात होगी, नए लोग होंगे नई बात होगी।मैं हर हाल में मुस्कुराता रहूँगा, तुम्हारी मोहब्बत अगर साथ होगी।– बशीर बद्र
कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी, सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा।
अब समझ लेते हैं मीठे लफ़्ज़ की कड़वाहटें, हो गया है ज़िंदगी का तजुर्बा थोड़ा बहुत।
चाहता हूँ कि भूल जाऊँ तुम्हें, और ख़ुद भी न याद आऊँ तुम्हें!
खुद से करीब, बहुत करीब आ गया था वो मेरे, वो जुदा हो जायेगा मैं ये नहीं कभी समझ पाया था।रोने लग जाता था मेरी ज़रा सी तकलीफ से, मेरी ज़िन्दगी में इक शक्श ऐसा भी आया था।
हाथ की लकीरों की ताक़त का अंदाजा इस बात से लगया जा सकता है की वे मुट्ठी में बंद होकर भी काबू में नहीं होती।
भाग्यशाली वो लोग नहीं होते जिन्हे सब कुछ भाग्य से अच्छा-अच्छा मिलता है, बल्कि वो लोग होते हैं जिन्हे जो भी मिलता है उसे अच्छा बना लेते हों।
दोस्ती में दिल दुखाना हमें नहीं आता, मन की बात को हमें छुपाना नहीं आता, आप सोचते होंगे के हम भूल गए आपको, पर आप जैसे यार दोस्तों को हमें भूलना नहीं आता …